Posts

Showing posts from January, 2025

अरंडी का तेल

Image
 🔹हर रोग की रामबाण दवा🔹 👇🏻अरंडी का तेल .... जानिए इसके फायदे... गांव में अरंडी के पौधे आज भी हर कहीं उगे हुए देखे जा सकते है... गांव के लोग अरंडी को बहुत अच्छे से जानते है, जब भी कभी मोच आ जाती हैं अरंडी के पत्ते सबसे पहले याद आते है... वैसे अब स्थिति बदली हैं, जरा सा कुछ होने पर भी डॉक्टर,मेडिकल पर टूट पड़ते है...हमनें अपनी स्थिति भले ही बदल ली हैं लेकिन पौधे ने अपना गुण धर्म नही खोया है... आज शहरी जगत में हर कहीं Castor-oil की चर्चा आपको सुनने को मिल जाएगी,उसके गुणों का बखान भी मिला जाएगा,,पर उसका सीधा इस्तेमाल कोई नही करता,ओर अधिकतर लोग पौधे को भी नही पहचानते.....अरंडी के तेल में पाए जाने वाले गुणों की वजह से यह स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों में फायदा करता है। जानते है अरंडी के तेल के फायदे 1. काले धब्बे साफ़ करे -: अरण्डी का आयल और नारियल के तेल की कुछ बुँदे ले और इसे चेहरे के काले धब्बो पर लगाए इससे काले धब्बे मिट जाएंगे। 2.गठिया रोग में -: गठिया रोगी व्यक्ति की अरंडी के तेल से मालिश करने पर उसे दर्द में आराम होता हैं। यह मांसपेशियों के दर्द को कम करता है। 3.कब्ज में फायदा -:...

शरीर की सभी नसों को खोलने का आयुर्वेदिक समाधान....

Image
 शरीर की सभी नसों को खोलने का आयुर्वेदिक समाधान.... कपूर और नींबु कितने उपयोगी है...दिन में सिर्फ़ एक बार यह साधारण सा उपाय करके देखिए, सिर के बाल से पैर की उंगली तक सारी नसें मुक्त होने का आपको स्पष्ट अनुभव होगा कि सिर से पैर तक एक तरह से करंट का अनुभव होगा, आपके शरीर की नसें मुक्त होने का स्पष्ट अनुभव होगा। हाथ–पैर में होने वाली झंझनाहट (खाली चढ़ना) तुरंत बंद हो जाती हैं, ◾पुराना घुटनों का दर्द और कमर, गर्दन या रीड की हड्डी (मणके) में कोई नस दबी या अकड़ गई है तो वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगी, पुराना एड़ी का दर्द भी ठीक हो जाएगा।  ◾इस उपाये से बहुत से लोगों के लाखों रुपए बच सकते हैं। पैर में फटी एड़ियां और डैड स्किन रिमूव हो जाती है और पैर कोमल हो जाते हैं और इसके पीछे जो विज्ञान और आयुर्वेद है.  ◾यह उपाय करने के लिए हमें घर में ही उपलब्ध कपूर और नींबू, ये दो चीजें चाहियें। इस उपाय को करने के लिए डेढ़ से दो लीटर गुनगुना पानी लें, जिसका तापमान पैर को सहन होने जितना गरम हो, उसमे आधे नींबू का रस निचोड़े और फिर नींबू को भी उस पानी में डाल दें ◾फिर दूसरी चीज कपूर है–कोई भी कपूर...

वंशलोचन कैसे बनता है?

Image
 वंशलोचन कैसे बनता है? वंशलोचन: निर्माण की प्रक्रिया वंशलोचन एक प्राकृतिक खनिज है जो मुख्यतः बांस के पौधे से प्राप्त होता है। यह एक पारदर्शी या अपारदर्शी सफेद पदार्थ है जिसे आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं कि वंशलोचन कैसे बनता है। वंशलोचन का निर्माण वंशलोचन का निर्माण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो बांस के पौधे के अंदर होती है। यह एक लंबी और धीमी प्रक्रिया होती है। बांस में खनिजों का संचय: बांस के पौधे जमीन से खनिज तत्वों को अवशोषित करते हैं। इन खनिजों में सिलिका, चूना, पोटाश आदि शामिल होते हैं। खनिजों का क्रिस्टलीकरण: समय के साथ, ये खनिज पौधे के तने में जमा हो जाते हैं और क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। ये क्रिस्टल ही वंशलोचन होते हैं। निष्कर्षण: जब बांस के पौधे को काटा जाता है, तो इन क्रिस्टलों को तने से निकाला जाता है। यह एक कठिन और कुशलतापूर्ण कार्य होता है। वंशलोचन के प्रकार वंशलोचन को उसके रंग और गुणवत्ता के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है। सफेद वंशलोचन: यह सबसे शुद्ध और मूल्यवान प्रकार का वंशलोचन होता है। पीला वंशलोचन:...

प्रोटीन पाउडर

Image
 आज के समय मे सबसे बड़ा सवाल चल रहा है कि सबको प्रोटीन चाहिए,ओमेगा आयरन चाहिए,B12 चाहिए,ये चाहिए वो चाहिए और डिब्बा बंद जहर की कालाबाजारी चरम पर है,घर पर ही बेहद आसानी से बनाया जा सकता है प्रोटीन पाउडर,जानिए तरीका 6 बादाम,2अखरोट,दो चम्मच मगज (खरबूजा तरबूज खीरा कद्दू का मिक्स बीज),एक चम्मच खसखस,एक चम्मच भांग बीज को रातभर भिगोकर रख दें सुबहएक गिलास पानी के साथ पीसकर आधा चम्मच सौंफ का और दो इलाइची का पाउडर मिलाएं,ये दूध जैसा बन जाएगा,छान लें और तैयार है हर डिब्बाबंद प्रोटीन से हजार गुना बेहतर पोषण ।

तेजपत्ता

Image
 तेजपत्ता हर भारतीय रसोई में पाया जाता है। स्वाद बढ़ाने और खुशबू लाने के लिए इसका इस्तेमाल काफी मशहूर है। तेजपत्ता का उपयोग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जाता है। बता दें कि आयुर्वेद में इसे औषधीय पत्ते के रूप में देखा गया है। सुबह के वक्त खाली पेट इसके पानी के सेवन से पाचन को सुधारने में मदद मिलती है। इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है और हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके अलावा, तेजपत्ता पीरियड के दर्द को कम करने, स्किन को स्वस्थ बनाने और इन्फेक्शन से लड़ने में भी मदद करता है। तेज पत्ते के कई फ़ायदे हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका सेवन हानिकारक भी हो सकता है. तेज पत्ते के फ़ायदे और नुकसान के बारे में जानकारीः  तेज पत्ते के फ़ायदे: तेज पत्ता खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है.  यह पाचन को दुरुस्त करता है और मेटाबॉलिज़्म को तेज़ करता है.  तेज पत्ता डायबिटीज़ को कंट्रोल करने में मदद करता है.  यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.  तेज पत्ता सूजन को कम करने में मदद करता है.  तेज पत्ता नींद से जुड़ी समस्याओं को...

लहसुन

Image
 #लहसुन का इस्तेमाल हम खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं लहसुन अगर आप खाली पेट सेवन करते हैं तो इससे आपकी सेहत कई गुना सुधर जाएगी। दरअसल, आयुर्वेद में लहसुन के लिए कहा जाता है कि इसके सेवन से आप जवान बने रहेंगे। साथ ही यह कई बीमारियों से जैसे कि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्राल, खून का थक्का जम जाना, कब्ज, कान का दर्द, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, भूख बढाने आदि से छुटकारा दिलाता है। लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। लहसुन की एक कली में 4 कैलोरी और 1 ग्राम से कम लहसुन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइट्रेट और फैट पाया जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी, के साथ मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक, सेलेनियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें एंटी कैंसर यौगिक, इम्यूनिटी को तेज करने की क्षमता के साथ हार्ट को मजबूत करने के एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। खाली पेट लहसुन खाने के फायदे हार्ट रहेगा हेल्दी: लहसुन में ऐसे अल्काइन पाएं जाते है। जो कोलेस्ट्राल को कम करने के साथ-साथ, लिवर और पैंक्रियाटिक कैंसर से बचाता है।साथ ही दी से जुड़ी बीमारी की सम्भावना भ...

Wemons respec

Image
 एक स्त्री वह औरत है जिसे बाकायदा हर महीने माहवारी आती है। वहीं माहवारी जिसको स्त्री अपने 11 साल के उम्र से हर महीने बर्दाश्त करती है। यह माहवारी उनका चॉइस नहीं होता। यह तो कुदरत का दिया हुआ एक वरदान होता है।  वहीं माहवारी जिसमे पूरा शरीर अकड़ जाता है। कमर टूटने लगती है। पेट का दर्द असहनीय होता है। और मानसिक तनाव इतना की सामान्य दिनों में सिर्फ सोच कर ही सिहरन पैदा हो जाती है। हर महीने के माहवारी के दर्द को बर्दाश्त कर अपने आप को अगले महीने के लिए फिर से दर्द सहने के लिए तैयार कर लेना किसी जंग जितने से कम नहीं। हर महीने ना जाने कितने वर्षों तक ये जंग हर महीने जीतती है स्त्री। तब जाके किसी पुरुष के चेहरे की लालिमा बढ़ती है, तब जाके कोई परिवार चहकता है। और तब किसी के वंश की वृद्धि होती है। अरे एक लड़की तो अपने 11 वर्ष की उम्र से ही किसी की बहू किसी की पत्नी बनने कि मोल चुकाती है, हर महीने दर्द सहकर, ताकि किसी दिन वो वंश की वृद्धि की गौरव बन सके। गर्भधारण के बाद 3-4 महीने तो अपने आप से ही परेशान। मूड स्विंग, उल्टी, थकान, मानसिक तनाव, और कमर दर्द तो हिस्सा बनने लगता है जिंदगी का।...

Date Palm (खजूर का पेड़)

Image
 Date Palm (खजूर का पेड़) Date Palm, जिसे हिंदी में खजूर का पेड़ कहा जाता है, एक आकर्षक और बहुउपयोगी पेड़ है जो न केवल बगीचों की शोभा बढ़ाता है, बल्कि अपने पौष्टिक फलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसका वैज्ञानिक नाम Phoenix dactylifera है। यह पेड़ मुख्यतः शुष्क और गर्म जलवायु में पाया जाता है और इसे ऊंचे और सीधे तनों, हरे-चमकदार पत्तों, और रसीले फलों के लिए जाना जाता है। विशेषताएं 1.ऊंचाई: एक परिपक्व खजूर का पेड़ 20-30 मीटर तक ऊंचा हो सकता है। 2.पत्तियां: इसकी पत्तियां लंबी, हरी और पंखदार होती हैं। 3.फल: खजूर के फल अंडाकार आकार के, मीठे और पौष्टिक होते हैं। इनका रंग कच्चे होने पर हरा और पकने पर भूरा या लाल हो जाता है। 4.जीवनकाल: यह पेड़ 100 साल से भी अधिक समय तक जीवित रह सकता है। #खजूर के पेड़ की उत्पत्ति और फैलाव मूल स्थान: खजूर का पेड़ मुख्यतः मिडिल ईस्ट, उत्तरी अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी है। अनुकूल जलवायु: यह गर्म और शुष्क जलवायु में आसानी से पनपता है और रेतीली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है। प्रकार (Varieties) 1.Deglet Noor: इसे "क्वीन ऑफ डेट्स" कहा जाता है, ...

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर देता है ये संकेत

Image
 हमारा हृदय कई कार्यों को करने के लिए जाना जाता है। हृदय को स्वस्थ रखने और हृदय रोगों के जोखिम से दूरी बनाने के लिए कई कारकों पर ध्यान देना चाहिए। उन्हीं में से एक है कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol), जिसके स्तर को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक है। इसे नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय भी कारगर साबित हो सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर शरीर देता है ये संकेत, समय पर पहचान लें वरना जान से हाथ धोना पड़ सकता है आज की आलसभरी लाइफस्टाइल, अनहेल्थी फूड और स्मोकिंग-ड्रिंक जैसी आदतों के चलते युवाओं में भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखी जा रही है। बॉडी में यदि कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाए तो हार्ट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती है। शरीर में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ होता है। ये लीवर से बनता है। कोलेस्ट्रॉल भी दो प्रकार के होते हैं। गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। इसमें बैड कोलेस्ट्रॉल हमारी आर्टरीज में जमकर बीमारियां पैदा करता है। यदि कोलेस्ट्रॉल के लेवल को अधिक बढ़ने से पहले सही इलाज लिया जाए तो इसके नुकसान को टाला जा सकता है। जब शरीर का कोलेस्ट्रॉ...

कनेर

Image
 किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है यह फूल, मिल जाए तो कभी छोड़ना मत  कनेर का पौधा वैसे तो एक आम पौधा है जो अधिकाश घरों में देखने को मिल जाता है। ये पौधा भारत में लगभग हर जगह देखा जा सकता है। यह सदाहरित झाड़ी है जो हिमालय में नेपाल से लेकर पश्चिम के कश्मीर तक, गंगा के ऊपरी मैदान और मध्यप्रदेश में बहुतायत से पाई जाती है। अन्य प्रदेशों में यह कम पाई जाती है। इस पौधे को अंग्रेजी में thevetia peruviana कहते हैं एक सदाबहार पौधा है | कनेर के पौधों में पीले और ऑरेंज रंगों के फूल होते हैं कनेर के पत्तों और फूलों का उपयोग कई आयुर्वेदिक तरीकों से किया जाता आया है। वैद्य बताते है कि कनेर के फूल को संजीवनी बूटी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। कनेर की पत्तियाँ बालों के लिए काफी लाभकारी होती है ये न की सिर्फ बालो को झड़ने से रोकती है बल्कि इसके नियमित इस्तेमाल से नए बाल भी उगते हैं। जानिए इस फूल के आयुर्वेदिक उपचार… घाव कनेर के सूखे हुए पत्तों का चूर्ण बनाकर घाव पर लगाने से घाव जल्द भर जाते हैं। फोड़े-फुंसियां कनेर के लाल फूलों को पीसकर लेप बना लें और यह लेप फोड़े-फुंसियों पर दिन में 2 से 3 बार...

धतूरा

Image
 धतूरा एक उपविष जो जीवन दायिनी शक्ति रखता है धूमपान चिकित्सा का मूल..... #धतूरा  को अन्य भाषाओं में मदन, उन्मत्त, शिवप्रिय, महामोही, कृष्ण धतूरा, खरदूषण, शिवशेखर, सविष, कनक, धुतूरा, सादा धुतूरा, धोत्रा, काला धतूरी, जन्जेलमापिल, ततूर, दतुरम, (stramonium) आदि नामो से जाना जाता है। ये एक क्षुप जाति की वनस्पति है। इसके पत्ते बड़े डंठल युक्त, नोकदार, अण्डाकृत होते है। इसके फूल घंटे के आकार के होते है, फूल का रंग बीच में सफ़ेद होता है। इनमे पांच पंखुडिया होती है।इसके फल गोल, कांटेदार और भीतर बहुत बीजो वाला होता है। इसके वनस्पति के सूखे पत्ते और बीज औषधि प्रयोग के काम आते है। इसके बीज कालेपन लिए भूरे रंग के, चपटे, खुरदरे और कड़वे होते है। इनमे कोई सुगंध नहीं होती, मगर कूटने पर एक प्रकार की उग्र गंध आती है।  पहले दमा इंहेलर का आविष्कार भी महर्षि सुश्रुत जी ने ही किया यज्ञ में आहुतियां डालते वक्त उठने वाली कपूर लौंग धूर्तर के धूमपान से जब पास बैठे दमा रोगी को राहत मिली तो उन्होंने सूक्ष्म धूणी यानि चिलम बनवाई जिससे रोगी को सीधे धूमपान करवाया जा सके  उन्मत्त (धतूरा)नामक औषधी के ग...

कटेरी_के_पौधे_के_फायदे

Image
#कटेरी_के_पौधे_के_फायदे कटेरी के फायदों के बारे में बहुत कम जानकारी लोगों को पता है। लेकिन इस कंटीले पौधे के अनगिनत औषधीय गुणों के कारण कटेरी को कई बीमारियों के उपचार स्वरूप प्रयोग किया जाता है। चलिये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं- ★सिरदर्द में फायदेमंद कटेरी       अगर आपको काम के तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के वजह से सिरदर्द की शिकायत रहती है तो कटेरी का घरेलू उपाय बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।       -कटेरी का काढ़ा, गोखरू का काढ़ा तथा लाल धान के चावल से बने ज्वरनाशक पेय का थोड़ी-थोड़ी  मात्रा में दिन में तीन-चार बार सेवन करने से बुखार होने पर जो सिर दर्द होता उसमें आराम मिलता है।    -कटेरी के फल के रस को माथे पर लेप करने से सिर दर्द कम होता है। ★गंजापन करे दूर कटेरी      अक्सर किसी बीमारी के कारण बाल झड़कर गंजेपन की अवस्था आ गई है तो कटेरी का इलाज फायदेमंद साबित हो सकता है।     20-50 मिली कटेरी पत्ते के रस में थोड़ा शहद मिलाकर सिर में चंपी करने से इन्द्रलुप्त (गंजापन) में लाभ होता है।    श्वेत कंटका...

जामुन एक ऐसा वृक्ष जिसके अंग अंग में औषधि है

Image
 🇮🇳 *जामुन एक ऐसा वृक्ष जिसके अंग अंग में औषधि है।*🍇 🍇अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल, हरी काई नहीं जमेगी और पानी सड़ेगा भी नहीं।  🍇जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़ा पैमाने पर होता है। 🍇पहले के जमाने में गांवो में जब कुंए की खुदाई होती तो उसके तलहटी में जामून की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है जिसे जमोट कहते है।  🍇दिल्ली की निजामुद्दीन बावड़ी का हाल ही में हुए जीर्णोद्धार से ज्ञात हुआ 700 सालों के बाद भी गाद या अन्य अवरोधों की वजह से यहाँ जल के स्तोत्र बंद नहीं हुए हैं।  🍇भारतीय पुरातत्व विभाग के प्रमुख के.एन. श्रीवास्तव के अनुसार इस बावड़ी की अनोखी बात यह है कि आज भी यहाँ लकड़ी की वो तख्ती साबुत है जिसके ऊपर यह बावड़ी बनी थी। श्रीवास्तव जी के अनुसार उत्तर भारत के अधिकतर कुँओं व बावड़ियों की तली में जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल आधार के रूप में किया जाता था। 🍇स्वास्थ्य की दृष्टि से विटामिन सी और आयरन से भरपूर जामुन शरीर में न केवल हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता। पेट दर्द, डायबिटीज, गठिया, पेचिस, पा...

आयुर्वेद में नाड़ी विज्ञान

Image
 🇮🇳 #आयुर्वेद में नाड़ी विज्ञान: #नाडी परीक्षणः- नाडी परीक्षा के बारे में चरक संहिता, सुश्रुत संहिता,शारंगधर संहिता, भावप्रकाश, योगरत्नाकर आदि ग्रंथों में वर्णन है। महर्षि सुश्रुत अपनी योगिक शक्ति से समस्त शरीर की सभी नाड़ियाँ देख सकते थे। ऐलोपेथी में तो पल्स सिर्फ दिल की धड़कन का पता लगाती है; पर ये इससे कहीं अधिक बताती है। आयुर्वेद में पारंगत वैद्य नाडी परीक्षा से रोगों का पता लगाते है। इससे ये पता चलता है की कौन सा दोष शरीर में दूषित है। ये बिना किसी महँगी और तकलीफदायक डायग्नोस्टिक तकनीक के बिलकुल सही निदान करती है। जैसे कि शरीर में कहाँ कितने साइज़ का ट्यूमर है, किडनी खराब है या ऐसा ही कोई भी जटिल से जटिल रोग का पता चल जाता है। दक्ष वैद्य हफ्ते भर पहले क्या खाया था ये भी बता देतें है। भविष्य में क्या रोग होने की संभावना है ये भी पता चलता है। - महिलाओं का बांया और पुरुषों का दाँया हाथ देखा जाता है। - कलाई के अन्दर अंगूठे के नीचे जहां पल्स महसूस होती है तीन उंगलियाँ रखी जाती है। - अंगूठे के पास की ऊँगली में वात, मध्य वाली ऊँगली में पित्त और अंगूठे से तीसरी ऊँगली में कफ महसूस कि...

सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं ये 3 चीज़ें!

Image
 #सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं ये 3 चीज़ें! #अंकुरित आलू के नुकसान 🥔 • अंकुरित आलू में सोलेनिन नामक जहरीला तत्व पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। • इससे पेट दर्द, सिरदर्द और चक्कर आ सकते हैं। • गंभीर मामलों में यह फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। • गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है। #नमक के अधिक सेवन के नुकसान 🧂 • हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। • किडनी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। • हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। • दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। • पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। #मैदा खाने के नुकसान 🍞 • डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। • मोटापा बढ़ता है। • पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। • कब्ज की शिकायत हो सकती है। • शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ## विशेष सावधानियां ⚡ • हरे अंकुर वाले आलू का सेवन कभी न करें। • नमक का सेवन रोजाना 5 ग्राम से अधिक न करें। • मैदे के बदले साबुत अनाज का प्रयोग करें। ##स्वस्थ विकल्प क्या हैं? 💪 • आलू को अंकुरित होने से पहले ही इस्तेमाल करें। • सेंधा नमक या काला नमक का सीमित उपयोग करें। • मैदे ...

पेट अच्छी तरह से साफ़ नही हो रहा तो जरुर आजमाए यह

Image
 अगर सुबह #पेट अच्छी तरह से साफ़ नही हो रहा तो जरुर आजमाए यह  #घरेलूउपाए .....  इस  नुस्खे के प्रयोग के कुछ ही दिनों में आपको अपनी सेहत तथा कब्ज में सुधार दिखना शुरू हो जाएगा | इस नुस्खे की ख़ास बात यह है के इसे बनाना बेहद आसान है और इस नुस्खे को किसी भी उम्र का व्यक्ति प्रयोग कर सकता है ये सबके लिए फयदेमंद होगा |  तो आये जानते है इस #नुस्खे के बारे में समग्री :- 150 ग्राम खजूर 150 ग्राम सूखे आलू बुखारे 5 कप उबला हुआ पानी विधि / इस्तेमाल पहले पानी को उबाल लें और फिर इसमें खजूर और आलू बुखारे के छोटे छोटे टुकड़े काट कर डाल दें और इस मिश्रण को तब तक पकाए जब तक यह गाढ़ा नहीं हो जाता | जब इस मिश्रण में गाढापन आ जाए तो  मिश्रण तैयार हैँ | सुबह नाश्ते के साथ इस मिश्रण के 1 से 2 चम्मच सेवन करें और कुछ ही दिनों में आपको कब्ज से छुटकारा मिल जाएगा और साथ ही साथ आप कब्ज से होने वाली कई और बीमारियों से भी निजात पा लेंगे...

सेंधा नमक पिंक वाला

Image
 आजकल जब किडनी खराब हो जाती है तो डायलिसिस किया जाता है, जिसमें रक्त परिवर्तन किया जाता है। यह महंगा और कष्टकारी होता है। क्रिएटिनिन का स्तर 0.6 से 1.3 के बीच होना चाहिए। अगर यह स्तर बाहर होता है, तो किडनी फेलियर, फंक्शन ठीक नहीं होना, रक्त परिवर्तन या किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। इस पर कई लाख रुपये खर्च हो सकते हैं और दर्द और परेशानी हो सकती है। इसे ठीक करने का एक आसान तरीका है। स्थानीय हर्बल दवाओं की दुकान पर जाएं और “सिंधु नमक” (सेंधा नमक पिंक वाला) पूछें। यह केवल 60 या 80 रुपये प्रति किलोग्राम मिलेगा। इस नमक का उपयोग करके घर में तीन बार खाना बनाकर खाएं। 15 दिनों में, या अधिकतम 30 दिनों में, आपकी किडनी सामान्य स्थिति में लौट आएगी। इसके बाद, आप अपना क्रिएटिनिन स्तर जांच सकते हैं, और यह सही स्तर पर होगा। क्या इस नमक से बना खाना केवल रोगी को खाना चाहिए ? कोई भी इसे खा सकता है, एक साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक। हिंदू नमक क्या है ? यह एक नमक है जो हिमालय की वर्षा क्षेत्र से चट्टानों से निकाला जाता है। इसे हिमालयन रॉक सॉल्ट भी कहा जाता है। आप गूगल में “Himalayan rock salt...

मूँगफली की चिक्की (Peanut Chikki)

Image
 Peanut Chikki Recipe गुड़ पापड़ी रेसिपी  मूँगफली की चिक्की (Peanut Chikki)  भारत में एक प्रसिद्ध और पारंपरिक मिठाई है, जो खासकर सर्दी के मौसम में बनाई जाती है। इसे गुड़ और ताजे मूँगफली के साथ तैयार किया जाता है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। सामग्री: मूँगफली - 250 ग्राम गुड़ - 200 ग्राम घी - 1 चमच पानी - 2-3 टेबल स्पून इलायची पाउडर (वैकल्पिक) - 1/4 टीस्पून विधी: मूँगफली की तैयारी करें: सबसे पहले, मूँगफली को अच्छे से सेंक लें। अगर मूँगफली में छिलका हो तो उसे छीलकर अलग रख लें। आप चाहें तो ओवन में या तवे पर हल्का सेंक सकते हैं। गुड़ तैयार करें: एक कढ़ाई में गुड़ डालें। इसमें 2-3 टेबल स्पून पानी डालकर गुड़ को धीमी आंच पर पिघलने दें। गुड़ को अच्छे से पिघलने तक गरम करें। आप देखेंगे कि गुड़ में झाग बनने लगेगा और उसका रंग बदलने लगेगा। गुड़ का 'टेम्परेचर चेक' करें: एक पानी की कटोरी में थोड़ा सा गुड़ डालें। अगर गुड़ पानी में डालने पर आसानी से टूट जाए और आकार ले ले तो इसका मतलब है कि गुड़ तैयार है। मूँगफली और इलायची मिलाना: अब गुड़ में प...