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Showing posts from February, 2025

कौन कहता है कि भारत की खोज वास्को डी गामा ने की ,क्यों पढ़ाया जाता है फर्जी इतिहास।

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 🇮🇳 कौन कहता है कि भारत की खोज वास्को डी गामा ने की ,क्यों पढ़ाया जाता है फर्जी इतिहास।★★★ √●भारतवर्ष को अंग्रेजों ने नहीं खोजा था, यह सनातन है और इसके साक्ष्य भी हैं √●इतिहास हमेशा विजित द्वारा लिखा जाता है और वह इतिहास नहीं विजित की गाथा होती है। भारत के साथ भी यही हुआ है पहले इस्लामिक आक्रमण और 800 वर्षों शासन और फिर अंग्रेज़ो के 200 वर्ष तक के शासन ने इस देश के इतिहास लेखन को इस तरह से प्रभावित किया कि आज भी लोगों को यही लगता है कि India को ब्रिटिश ने बनाया। लोगों के मन में यह हिन भावना बैठी हुई है कि ब्रिटिश के आने से पहले भारत या India था ही नहीं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता और अपने आप को ‘History_Buff’ कहने वाले सैफ अली खान ने ये कह दिया कि मुझे नहीं लगता है India जैसा कोई कान्सैप्ट ब्रिटिश के आने से पहले था के नहीं। यह कोई हैरानी की बात नहीं है। पिछले 70 वर्षों में जिस तरह से इतिहास को उसी इस्लामिक और ब्रिटिश को केंद्र में रख कर पढ़ाया गया है ये उसी का परिणाम है। ब्रिटिश काल के इतिहासकारों ने अपने हिसाब से ही इतिहास लिखा जैसा एक विजित लिखता है यानि अपने ही गुणगा...

बाघ_नख

 #बाघ_नख #Tigers_Clow     Common name :- Tigers clow        Botanical name :- Myrtynia Annua L.            Family :- Martyniaceae        बाघ नख एक जड़ी-बूटी युक्त स्तम्भ, शाखित, ग्रंथिया बालो वाली वार्षिक जड़ी-बूटी पौधा हैं !जो 0.9-1.9 मीटर की ऊचाई तक बढ़ती हैं, यह बंजर भूमि, कूड़े के ढेर और सड़क के किनारे पर पायी जाती हैं !          पत्तियाँ विपरीत होती हैं और लाल रंग के पंखुड़ीया  होती हैं, वे चिपचिपे रूबर से मिलते जुलते हैं, इसके फूल हल्के गुलाबी और ट्यूबलर होते हैं और इनमे अमृत गाइड़ और बैगनी रंग के धब्बे होते हैं, पके होने पर फल काले पड़ जाते हैं और टिप पर कांटे लग जाते जिसके कारण इसको बिल्ली का पंजा या बाघ का पंजा के नाम से जाना जाता हैं ! बाघ नख  को व्यापक रूप से उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय विश्व क्षेत्रों में, विशेष रूप से मध्य अमेरिका और भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक रूप से प्राकृतिक रूप से वर्गीकृत किया गया है । यह आमतौर पर बीहड़ क्षेत्रों में पाया जाता है !  ...

हिन्दू_धर्म की कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ !!!

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 #हिन्दू_धर्म की कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ !!! 

सदाबहार

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 95% शुगर रोग को रिमूव कर देगा.... शुगर की टेबलेट बंद कर देगा ये फूल, डायबिटीज मरीज रोज चबाएं इसकी 3 से 4 पत्‍तियां... खराब लाइफस्टाइल के चलते डायबिटीज की समस्या आम हो गई है। पहले तो डायबिटीज 50 साल से ज्यादा उम्र के लागों को होती थी, लेकिन जेनेटिक होने के कारण अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। समय रहते इसे कंट्रोल कर लिया जाए, तो इसके बढ़ने की संभावना को कम किया जा सकता है। वैसे तो डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिए लोग लौकी, गिलोय जैसे घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन आप चाहें, तो सदाबहार के फूलों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इसे "एवर ब्लूमिंग ब्लॉसम" के रूप में भी जाना जाता है। सदाबहार के फूल में मौजूद हाइपोग्लेमिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। इस फूल के अर्क को लेने से बीटा- पैन्क्रियाज सेल्स से इंसुलिन का उत्पादन होना शुरू हो जाता है। यह स्टार्च के ग्लूकोज में ब्रेक होने में भी हेल्प करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल में कमी आने लगती है। तो आइए जानते हैं क्या है सदाबहार और डायबिटीज के लिए इसका उपयोग कैसे किया जाता है। सदाबहार क्या है सदाबहार एक प...

भारत के लोगों के लिए सबसे हानिकारक और नुक़सानदेह भोजन

 🇮🇳 भारत के लोगों के लिए सबसे हानिकारक और नुक़सानदेह भोजन 🙏 भारत में खानपान की विविधता बहुत अधिक है, लेकिन कई ऐसे खाद्य पदार्थ और आदतें हैं जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। 1. ज्यादा तेल और मसाले वाला भोजन तली-भुनी चीज़ें जैसे समोसे, कचौरी, और पकोड़े नियमित रूप से खाने से कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां बढ़ सकती हैं। ज्यादा मसाले पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 2. पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड चिप्स, नूडल्स, और पैक्ड स्नैक्स में प्रिज़रवेटिव्स और अतिरिक्त नमक होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का कारण बनता है। 3. ज्यादा चीनी वाला भोजन मिठाइयां, सॉफ्ट ड्रिंक्स, और मीठे पैकेज्ड जूस डायबिटीज़ और मोटापे को बढ़ावा देते हैं। ये दांतों की सड़न और लिवर की समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं। 4. जंक फूड और फास्ट फूड पिज़्ज़ा, बर्गर, और फ्रेंच फ्राइज जैसे फूड्स में ट्रांस-फैट और कैलोरी अधिक होती है, जो वजन बढ़ने के साथ-साथ दिल के लिए भी खतरनाक हैं। 5. बाहर का खाना स्ट्रीट फूड में स्वच्छता का अभाव होता है, जिससे फूड पॉइज़निंग और पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। 6. ज्यादा न...

भोजन करने के नियम सनातन धर्म के अनुसार...

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 🇮🇳 भोजन करने के नियम सनातन धर्म के अनुसार...🙏😋😍 1.खाने से पूर्व अन्नपूर्णा माता की स्तुति करके उनका धन्यवाद देते हुये, तथा सभी भूखों को भोजन प्राप्त हो इर्श्वर से ऐसी प्रार्थना करके भोजन करना चाहिये। 2. गृहस्थ के लिये प्रातः और सायं (दो समय) ही भोजन का विधान है। 3. दोनों हाथ, दोनों पैर और मुख, इन पाँच अंगों को धोकर भोजन करने वाला दीर्घजीवी होता है। 4. भींगे पैर खाने से आयु की वृद्धि होती है। 5. सूखे पैर, जुते पहने हुये, खड़े होकर, सोते हुये, चलते फिरते, बिछावन पर बैठकर, गोद मे रखकर, हाथ मे लेकर, फुटे हुये बर्तन में, बायें हाथ से, मन्दिर मे, संध्या के समय, मध्य रात्रि या अंधेरे में भोजन नहीं करना चाहिये। 6. रात्रि में भरपेट भोजन नहीं करना चाहिये। 7. रात्रि के समय दही, सत्तु एव तिल का सेवन नहीं करना चाहिये। 8. हँसते हुये, रोते हुये, बोलते हुये, बिना इच्छा के, सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिये। 9. पूर्व की ओर मुख करके खाना खाने से आयु बढ़ती है। 10. उत्तर की ओर मुख करके भोजन करने से आयु तथा धन की प्राप्ति होती है। 11. दक्षिण की ओर मुख करके भोजन करने से प्रेतत...

हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे।

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 🇮🇳 हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे। सोने के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है। हमारे पूर्वज क्या लकड़ी को चीरना नहीं जानते थे ? वे भी लकड़ी चीरकर उसकी पट्टियाँ बनाकर डबल बेड बना सकते थे। डबल बेड बनाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। लकड़ी की पट्टियों में कीलें ही ठोंकनी होती हैं। चारपाई भी भले कोई साइंस नहीं है , लेकिन एक समझदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके। चारपाई बनाना एक कला है। उसे रस्सी से बुनना पड़ता है और उसमें दिमाग और श्रम लगता है।जब हम सोते हैं , तब सिर और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है ; क्योंकि रात हो या दोपहर में लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते हैं। पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय चारपाई की जोली ही स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकती है। दुनिया में जितनी भी आरामकुर्सियां देख लें , सभी में चारपाई की तरह जोली बनाई जाती है। बच्चों का पुराना पालना सिर्फ कपडे की जोली का था , लकडी का सपाट बनाकर उसे भी बिगाड़ दिया गया है। चारपाई पर सोने से कमर और पीठ का दर्द का दर्द कभी नही होता है। दर्द होने पर चारपाई पर सोने की सलाह दी जाती है।...

क्या आप जानते है विश्व की सबसे ज्यादा समृद्ध भाषा कौनसी है ??

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 🇮🇳 क्या आप जानते है विश्व की सबसे ज्यादा समृद्ध भाषा कौनसी है ?? अंग्रेजी में 'THE QUICK BROWN FOX JUMPS OVER A LAZY DOG' एक प्रसिद्ध वाक्य है। जिसमें अंग्रेजी वर्णमाला के सभी अक्षर समाहित कर लिए गए हैं। मज़ेदार बात यह है की अंग्रेज़ी वर्णमाला में कुल 26 अक्षर ही उप्लब्ध हैं जबकि इस वाक्य में 33 अक्षरों का प्रयोग किया गया है। जिसमें चार बार O और A, E, U तथा R अक्षर का प्रयोग क्रमशः 2 बार किया गया है। इसके अलावा इस वाक्य में अक्षरों का क्रम भी सही नहीं है। जहां वाक्य T से शुरु होता है वहीं G से खत्म हो रहा है। अब ज़रा संस्कृत के इस श्लोक को पढिये।- *क:खगीघाङ्चिच्छौजाझाञ्ज्ञोSटौठीडढण:।* *तथोदधीन पफर्बाभीर्मयोSरिल्वाशिषां सह।।* अर्थात: पक्षियों का प्रेम, शुद्ध बुद्धि का, दूसरे का बल अपहरण करने में पारंगत, शत्रु-संहारकों में अग्रणी, मन से निश्चल तथा निडर और महासागर का सर्जन करनार कौन ?? राजा मय ! जिसको शत्रुओं के भी आशीर्वाद मिले हैं। श्लोक को ध्यान से पढ़ने पर आप पाते हैं की संस्कृत वर्णमाला के सभी 33 व्यंजन इस श्लोक में दिखाई दे रहे हैं वो भी क्रमानुसार। यह खूबसूरती केवल और केवल स...

शरीर के चक्रों पर कौन से देवी-देवताओं का वास होता है?

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 🇮🇳 शरीर के चक्रों पर कौन से देवी-देवताओं का वास होता है? मनुष्य शरीर में उपलब्ध सात चक्रों का वर्णन : शरीर के विभिन्न चक्र देवी देवताओं का निवास, विभिन्न कमाल दल और तत्व सहस्रसार चक्र - स्थान: सिर के उस स्थान पर जहां ब्राह्मण लोग चोटी रखते हैं । यहाँ एक हज़ार पंखुड़ियों के समान कमल है । स्वयं निरंजन भगवान का निवास स्थान इसी स्थान पर है । आज्ञा चक्र - स्थान: दोनों भृकुटियों के मध्य जहाँ पर तिलक लगाया जाता है । यहाँ दो दल का कमल है तथा जाग्रत अवस्था में यह आत्मा का निवास स्थान यही है। कंठ (विशुद्ध) चक्र - स्थान: कंठ यहाँ सोलह दल का कमल है इस चक्र पर देवी “आदि शक्ति” का निवास है। कंठ (विशुद्ध) चक्र - स्थान: कंठ यहाँ सोलह दल का कमल है इस चक्र पर देवी “आदि शक्ति” का निवास है। हृदय (अनाहत) चक्र – स्थान: हृदय यहाँ पर भगवान शिव तथा पार्वती का वास है । यहाँ बारह दल का कमल है । यहाँ वायु तत्व विद्यमान है। नाभि (मणिपुर) चक्र – स्थान: नाभि यहाँ पर भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी का वास है । यहाँ दस दल कमल है । यहाँ अग्नि तत्व विद्यमान है। इंद्री (स्वादिष्ठान) चक्र – स्थान: लिंग यहाँ पर भगवान ब्रहमा ...

इलायची, फायदे जान हैरान हो जाएंगे आप!

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 इलायची, फायदे जान हैरान हो जाएंगे आप! इलायची को भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा माना जाता है. इसका इस्तेमाल न केवल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का भी समाधान हैl इलायची को भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा माना जाता है. इसका इस्तेमाल न केवल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का भी समाधान है. खासतौर पर रात में सोने से पहले अगर आप 2 इलायची चबा लेते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए चमत्कारी फायदे पहुंचा सकती है. रात को सोने से पहले इलायची चबाने की आदत न केवल आपकी सांसों को तरोताजा करती है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी चमत्कारी हो सकती है. आयुर्वेद में इलायची को 'क्वीन ऑफ स्पाइसेस' कहा जाता है, जो कई औषधीय गुणों से भरपूर है. सिर्फ 2 इलायची चबाने से न केवल आपकी पाचन शक्ति बेहतर होती है, बल्कि यह एसिडिटी, नींद की समस्या और सांसों की दुर्गंध जैसी दिक्कतों से भी छुटकारा दिलाती है. इतना ही नहीं, इलायची के ये छोटे-से दाने आपके शरीर को डिटॉक्स कर, सुबह तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकते हैं. अब क्यों न इसे अपनी रात की रूट...

हरिहर_किला_नासिक

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   🇮🇳 हरिहर_किला_नासिक देश के इस किले तक पहुंचने के लिए गुजरना पड़ता है दुनिया के सबसे खतरनाक ट्रैक से... कई जगह चढ़ाई 90 डिग्री तक है।... देश के कई ऐतिहासिक किले से आपका परिचय हुआ होगा और उनकी कलात्‍मकता देख आप आश्‍चर्यचकित रह गए होंगे। मगर आपके लिए इस किले का सफर जितना खतरनाक होगा उतना ही रोमांचक भी। हर एक कदम पर आपकी सांसे थम सी जाएंगी, मगर इसके साथ ही मंजिल तक पहुंचने की आपकी ख्‍वाहिश भी बढ़ती चली जाएगी।  दरअसल, यह एक ऐसा किले है , जो जमीन पर नहीं बल्कि एक खूबसूरत पहाड़ की चोटी पर स्थित है और यहां तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं है क्‍योंकि इसकी कई जगह चढ़ाई 90 डिग्री तक है। यह पहाड़ महाराष्‍ट्र के नासिक में कसारा से 60 किमी दूर है और इसकी चोटी पर स्थित किले को हर्षगढ़ किले या हरिहर किले के नाम से जाना जाता है। साथ ही इस किले की चढ़ाई को हिमालय के पर्वतारोहियों द्वारा दुनिया का सबसे खतरनाक ट्रैक माना जाता है। यह पहाड़ नीचे से चौकोर दिखाई देता है, मगर इसका शेप प्रिज्म जैसा है। यह दो तरफ से 90 डिग्री सीधा और तीसरी तरफ 75 की डिग्री पर है। वहीं किला 170 मीटर की ऊंच...

बेर (Ber/ Jujube)

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   सर्दियों के मौसम में आने वाले फ्रेश खट्टे-मीठे बेर खाना भला किसे पसंद नहीं. बेर को स्वाद और सेहत से भरपूर माना जाता है. बेर को (Ber/ Jujube) के नाम से भी जाना जाता हैं. आपको बता दें कि बेर में प्रोटीन, विटामिन सी, बी12, एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. बेर में संतरे से ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. बेर का सेवन करने से हार्ट को हेल्दी रखने में भी मदद मिल सकती है. इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने में भी मददगार है. तो चलिए जानते हैं बेर खाने से होने वाले अद्भुत फायदे. आपको बता दें कि बेर में प्रोटीन, विटामिन सी, बी12, एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. बेर खाने से इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं, इसके सेवन से पाचन को भी बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। बेर खाने के फायदे | Health Benefits Of Jujube: 1. इम्यूनिटी- बेर में विटामिन सी, बी12 और विटामिन ए भरपूर मात्रा में होते...

नाभि तेल: स्वास्थ्य का रहस्य

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   नाभि तेल: स्वास्थ्य का रहस्य नाभि बॉडी का एक खास हिस्सा होता है, जिससे आपके शरीर के सभी अंग जुड़े हुए होते हैं। दादी-नानी के जमाने से इसपर तेल लगाने की बात कही जाती रही है, क्योंकि ऐसा करने से शरीर के कई हिस्सों की हीलिंग में मदद मिलती है।  #नाभि में तेल लगाने की परंपरा आयुर्वेद में विशेष रूप से लाभकारी मानी गई है। सुबह स्नान के बाद नाभि में सरसों, नारियल, या तिल का तेल लगाने से शरीर को अद्भुत लाभ मिलते हैं। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है, पाचन तंत्र को मजबूत करता है और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। नाभि पर तेल लगाने से आंखों की रोशनी में भी सुधार हो सकता है, क्योंकि नाभि के माध्यम से शरीर के कई अंगों से जुड़ी नाड़ियां सक्रिय होती हैं। यह प्रक्रिया शरीर को विषैले पदार्थों से मुक्त करने और मानसिक शांति देने में सहायक होती है। नियमित अभ्यास स्वस्थ जीवन का आधार बन सकता है। –––––––––– नाभि में तेल लगाने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं, त्वचा में निखार आता है, और जोड़ों का दर्द कम होता है. नाभि में तेल लगाने के कुछ फ़ायदे ये रहे:  नाभि में तेल लगाने से पेट की समस्या...

अमरकंद

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 *अमरकंद*:!:!: यह जड़ी बूटी भारत में उष्णकटिबंधीय हिमालय, दक्कन और दक्षिणी कोंकण में पाई जाती है। इसके अलावा बर्मा, श्रीलंका और चीन आदि। यह कई देशों में फैला हुआ है. इसकी कंदीय जड़ आलू के आकार की, छोटी, गोल और चिकनी होती है। इन पार्श्व पत्तियों के आधार पर तने के गोलाकार, घेरेदार, तने जैसे भाग होते हैं ।  अमरकंद के कंद को आदिवासी लोग अन्न के रूप में खाते हैं.  एक दैवीय उपहार वाला पौधा है जिसके उपयोग से जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द, पीठ दर्द से स्थायी रूप से छुटकारा पाया जा सकता है। जैसा कि ऊपर कहा गया है, यह कंद दैवीय वरदान प्राप्त यानी बहुगुणी पौधा है। इसके सेवन से कई फायदे होते हैं. इसका उपयोग हार्मोन को संतुलित करने के लिए भी किया जाता है। यह यौन समस्याओं को भी दूर करता है। इसमें बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को बहुत सारे फायदे पहुंचाते हैं और प्राकृतिक होने के कारण इसका शरीर पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। भीमाशंकर के जंगल में पाए जाने वाले इस जादुई कंद से कई लोगों को फायदा हुआ है। अमरकंद को आयुर्वेद में कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है,  अमरकंद को कफ़ निस्स...