बाघ_नख
#बाघ_नख
#Tigers_Clow
Common name :- Tigers clow
Botanical name :- Myrtynia Annua L.
Family :- Martyniaceae
बाघ नख एक जड़ी-बूटी युक्त स्तम्भ, शाखित, ग्रंथिया बालो वाली वार्षिक जड़ी-बूटी पौधा हैं !जो 0.9-1.9 मीटर की ऊचाई तक बढ़ती हैं, यह बंजर भूमि, कूड़े के ढेर और सड़क के किनारे पर पायी जाती हैं !
पत्तियाँ विपरीत होती हैं और लाल रंग के पंखुड़ीया होती हैं, वे चिपचिपे रूबर से मिलते जुलते हैं, इसके फूल हल्के गुलाबी और ट्यूबलर होते हैं और इनमे अमृत गाइड़ और बैगनी रंग के धब्बे होते हैं, पके होने पर फल काले पड़ जाते हैं और टिप पर कांटे लग जाते जिसके कारण इसको बिल्ली का पंजा या बाघ का पंजा के नाम से जाना जाता हैं !
बाघ नख को व्यापक रूप से उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय विश्व क्षेत्रों में, विशेष रूप से मध्य अमेरिका और भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक रूप से प्राकृतिक रूप से वर्गीकृत किया गया है । यह आमतौर पर बीहड़ क्षेत्रों में पाया जाता है !
पौधे के विभिन्न भागो का उपयोग कई बीमारियों के आत्म-उपचार के लिए किया जाता हैं !
#औषधीय_उपयोग :- इन पौधों का उपयोग दुनिया भर के विभिन्न भागों में कई औषधीय और औषधीय गतिविधियों जैसे कि विरोधी भड़काऊ, एंटीफंगल और जीवाणुरोधी, एंटीऑक्सिडेंट, एनाल्जेसिक या एंटी-प्रोलिफेरेटिव, एंटीफर्टिलिटी और गर्भपात आदि के लिए किया गया है
🌼फलो का उपयोग स्थानीय शामक के रूप मे किया जाता हैं, बिच्छु के डंक और अन्य जहरीले काटने पर डंक के प्रतिशोध के रूप मे किया जाता हैं !
🌼#त्वचा बीज त्वचा की जलन में उपयोगी होती हैं !
🌼 #बालों_का_भूरापन :- इनके बीज के तेल से बाल के भूरेपन को रोकते हैं।
🌼#पत्ती_का_पेस्ट पारंपरिक रूप से संक्रमित घावों और त्वचा की स्थिति में लगाया जाता है।
🌼#पत्ती_का_रस घाव भरने के लिए और गले में खराश के लिए उपयोग किया जाता है !
🌼#सूजन :- बीजों को सूजन में इस्तेमाल किया जाता है और अलेक्जेरिक माना जाता है!
#टिप :- लेख का उद्देश्य औषधीय पौधे के विषय मे जागरूकता लाना हैं, ना की उपचार करना, किसी भी नुख्से को अपनाने के लिए वैध या डॉक्टर कई सलाह अवश्य लेवे...
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