शरीर के चक्रों पर कौन से देवी-देवताओं का वास होता है?
🇮🇳 शरीर के चक्रों पर कौन से देवी-देवताओं का वास होता है?
मनुष्य शरीर में उपलब्ध सात चक्रों का वर्णन :
शरीर के विभिन्न चक्र
देवी देवताओं का निवास, विभिन्न कमाल दल और तत्व
सहस्रसार चक्र - स्थान: सिर के उस स्थान पर जहां ब्राह्मण लोग चोटी रखते हैं । यहाँ एक हज़ार पंखुड़ियों के समान कमल है । स्वयं निरंजन भगवान का निवास स्थान इसी स्थान पर है ।
आज्ञा चक्र - स्थान: दोनों भृकुटियों के मध्य जहाँ पर तिलक लगाया जाता है । यहाँ दो दल का कमल है तथा जाग्रत अवस्था में यह आत्मा का निवास स्थान यही है।
कंठ (विशुद्ध) चक्र - स्थान: कंठ यहाँ सोलह दल का कमल है इस चक्र पर देवी “आदि शक्ति” का निवास है।
कंठ (विशुद्ध) चक्र - स्थान: कंठ यहाँ सोलह दल का कमल है इस चक्र पर देवी “आदि शक्ति” का निवास है।
हृदय (अनाहत) चक्र – स्थान: हृदय यहाँ पर भगवान शिव तथा पार्वती का वास है । यहाँ बारह दल का कमल है । यहाँ वायु तत्व विद्यमान है।
नाभि (मणिपुर) चक्र – स्थान: नाभि यहाँ पर भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी का वास है । यहाँ दस दल कमल है । यहाँ अग्नि तत्व विद्यमान है।
इंद्री (स्वादिष्ठान) चक्र – स्थान: लिंग यहाँ पर भगवान ब्रहमा तथा सावित्री का वास है । यहाँ आठ दल कमल है । यहाँ जल तत्व विद्यमान है।
मूलाधार (गुदा) चक्र – स्थान: गुदा यह गणेश भगवान का वास है। यहाँ चार दल कमल है । यहाँ पृथ्वी तत्व विद्यमान है।

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