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Showing posts from June, 2023

कपूर

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 कपूर सिर्फ फैक्ट्रियों में नहीं बनते, बल्कि पेड़ पर भी उगते हैं, पढ़िए इसकी बागवानी की पूरी जानकारी। ज्यादातर लोगों को लगता है कि कपूर सिर्फ केमिकल्स के ही बने होते हैं। हालांकि, वर्तमान समय में प्रचलित कपूर केमिकल्स के ही बने होते हैं, लेकिन यह कमाल का तत्व प्रकृति में भी विद्यमान होता है। दरअसल, कपूर एक विशालकाय पेड़ से प्राप्त होते हैं, जिनका मेडिसिनल वैल्यू कमाल का होता है। वहीं, केमिकल्स वाले कपूर में मेडिसिनल वैल्यू का कोई अता-पता नहीं होता। कपूर एक विशालकाय, बहुवर्षायु लगभग सदाबहार वृक्ष है। इसका वृक्ष, एशिया के विभिन्न भागों में जैसे भारत, श्रीलंका, चीन, जापान, मलेशिया, कोरिया, ताइवान, इन्डोनेशिया आदि देशों में पाया जाता है। कपूर के वृक्ष की लम्बाई 50 से 100 फीट तक होती है। इसके सुन्दर, अति सुगन्धित पुष्प और मनमोहक फल तथा पत्तियाँ बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि कहीं-कहीं, इसे श्रृंगारिक वृक्ष के रुप में भी अपनाया गया है। पत्तियाँ बड़ी सुन्दर, चिकनी, मोमी, लालीमायुक्त हरापन लिए होती हैं। वसन्त ऋतु में छोटे-छोटे अति सुगन्धित फूल लगते हैं। इसके फल भी बड़े मो...

माहवारी

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एक स्त्री वह औरत है जिसे बाकायदा हर महीने माहवारी आती है। वहीं माहवारी जिसको स्त्री अपने 11 साल के उम्र से हर महीने बर्दाश्त करती है। यह माहवारी उनका चॉइस नहीं होता। यह तो कुदरत का दिया हुआ एक वरदान होता है।  वहीं माहवारी जिसमे पूरा शरीर अकड़ जाता है। कमर टूटने लगती है। पेट का दर्द असहनीय होता है। और मानसिक तनाव इतना की सामान्य दिनों में सिर्फ सोच कर ही सिहरन पैदा हो जाती है। हर महीने के माहवारी के दर्द को बर्दाश्त कर अपने आप को अगले महीने के लिए फिर से दर्द सहने के लिए तैयार कर लेना किसी जंग जितने से कम नहीं। हर महीने ना जाने कितने वर्षों तक ये जंग हर महीने जीतती है स्त्री। तब जाके किसी पुरुष के चेहरे की लालिमा बढ़ती है, तब जाके कोई परिवार चहकता है। और तब किसी के वंश की वृद्धि होती है। अरे एक लड़की तो अपने 11 वर्ष की उम्र से ही किसी की बहू किसी की पत्नी बनने कि मोल चुकाती है, हर महीने दर्द सहकर, ताकि किसी दिन वो वंश की वृद्धि की गौरव बन सके। गर्भधारण के बाद 3-4 महीने तो अपने आप से ही परेशान। मूड स्विंग, उल्टी, थकान, मानसिक तनाव, और कमर दर्द तो हिस्सा बनने लगता है जिंदगी का।  ...

सिंघाड़ा,,पानीफल,Water caltrops

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 🌿#सिंघाड़ा,,पानीफल,Water caltrops सिंघोडा  जलीय खाद्य,,,जीनस  Trapa की कुछ तीन प्रजाति मौजूदा पाई जाती हैं, उनमें से Trapa natans, औरTrapa bicornis, ज्यादातर है। और  Trapa rossica. लुप्तप्राय प्रजाति में गिना जाता है। 🌿आज बात कर रहे है,हम बहुत ही स्वादिस्ट ,पोस्टिक, और लगभग हमारे पूरे भारत मे होने वाली जलीय वनस्पति ,सिंघाड़ा,की,,जो तालाब की सतह पर तैरता हुवा जलीय पौधा है। यह एक लता की तरहः टेढ़ामेढ़ा फैलता है। पत्ते त्रिकोणाकार होते है। और इनमें सफेद  रंग के फूल खिलते है। प्रजाति के अनुसार फूल के रंग और फल का आकार देखने मिलते है।फूल पानी की सतह पर होते है। फूलो से फल बनने की प्रक्रिया होते ही  वजन बढ़ता है।और फिर फल पानी की सतह के नीचे चला जाता है। जैसे जमीन के अंदर कुछ वनस्पति के फल बनते है। इसी प्रकार इनके फल पानी के अंदर बनते है। यह फल ही इनका बीज है।पानी मे बनने वाला यह फल ,का एक नाम ,पानी फल ,भी है। ,वैसे मुजे तो यह एक कंदमूल ,की तरहः प्रतीत होता है। सिंघाड़ा को,"पानीकंद",,कहना भी योग्य होगा,!!😊 जड़ हरे ,सफेद, रंग की जो जल में डूबी हुई ,और दूर तक फैलती ह...

विग्रह पूजा

 मूर्ति पूजा   #विग्रह पूजा  स्टैचू  प्रतिमा  इत्यादि समानार्थक शब्द लग सकते हैं पर सबका अभिप्राय एक नहीं होता । संस्कृत भाषा में विशेष रूप से शब्दों को पारिभाषिक किया गया है । पारिभाषिक किया गया है अर्थात् उसकी परिभाषा करी गयी है जिससे के कुछ भी बकवास लोग न कर सकें । वेद में एक मंत्र आता है कि  “ न तस्य प्रतिमा अस्ति “  पुनः पढ़े “ न तस्य प्रतिमा अस्ति “ साधारण अनुवाद “उसकी प्रतिमा नहीं हो सकती । उसकी अर्थात् ईश्वर की ।  पर क्या यह साधारणीकरण उपयुक्त है ? नहीं ।  प्रतिमा का अर्थ क्या मूर्ति या विग्रह से है ? नहीं ।  प्रतिमा भी निरूक्त का पारिभाषिक शब्द है जिसका अभिप्राय उपमा देने से है । अर्थात् ईश्वर की उपमा किसी अन्य से नहीं हो सकती ।  अर्थात् ईश्वर की उपमा नहीं दी जा सकती वह उपमा से परे है ।  स्टैचू , प्रतिमा या बुत आप जिसका चाहें बना लें ।  बाबा अंबेडकर की बना लें पिता गान्ही की बना लें चचा नेरू की बना लें  स्टैचू ऑव युनिटी बना लें  जीजस जी की बना लें  या अन्य महापुरुषों की बना लें .. उनका आदर करें...

सावधान... सरकारें सालों से रोज़ दे रहीं हैं आपको मीठा जहर

 *इस आर्टिकल की स्वयं पुष्टि करें, अगर सच लगे तो ही विश्वास करें। मेरा इरादा जबरदस्ती मनवाने का बिल्कुल नही है।* *सावधान... सरकारें सालों से रोज़ दे रहीं हैं आपको मीठा जहर.!* निकाला चोरी-छिपे जनसंख्या वृद्धि रोकने का  अदभुत तरीका..! *सावधान आपके खाने और दवाइयों में साइनाइड नामक प्राणघातक जहर  मिलाकर खिलाया जा रहा है.!* *जानिए.. क्या है साइनाइड (Cyanide) नामक जहर..?* *शायद आपने पहले कभी साइनाइड के भयंकर साइड इफेक्ट के बारे में ना सुना हो, लेकिन यह एक अंतर्राष्ट्रीय साजिश है जिसका शिकार लगभग 50% भारतीय है।* *आप से निवेदन है कि इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें और समझें और जो नहीं समझना चाहता वह जहर खायें।* *आपके अन्न और दवाओं में साइनाइड नामक प्राणघातक जहर मिलाया जा रहा है।* *साइनाइड एक घातक जहर है।* *चौंकिए मत, यह बिलकुल सत्य है।* *आजकल आपने देखा होगा कि एक पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति कुछ काम करते करते अचानक मर जाता है और मृत्यु का कारण पता नहीं चलता, ऐसी घटनाएं आम हो रही है।* *आइये देखते है ऐसे खाद्य पदार्थ और दवाएं जिसमे साइनाइड विष मिलाया जा रहा है और हम निर्दोष शिकार बन रहे हैं...* ...

खून की कमी

 खून की कमी  परिचय:          खून की कमी हरी सब्जियां न खाने के कारण होती है इसकी वजह से भूख नहीं लगती है। कारण:           हीमोग्लोबिन में लौह (आयरन) तत्व की कमी के कारण और पौष्टिक भोजन की कमी व हरी पत्तों वाली सब्जियों के न मिलने के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। अगर शरीर को जरूरत के हिसाब से विटामिन वाला भोजन न मिले तो शरीर में खून की कमी के कारण रोग हो जाता है जिसे रक्तचाप (एनीमिया) रोग कहा जाता है। लक्षण:          शरीर में कमजोरी उत्पन्न होना, चेहरे की चमक खत्म होना, काम में मन नहीं लगना, शरीर थका-थका रहना, भूख न लगना, पेट की सफाई न होना आदि इस रोग के मुख्य लक्षण हैं। स्त्रियों में खून की कमी के कारण `मासिक-धर्म´ समय से नहीं होता है और खून की कमी के कारण कभी-कभी `मासिक-धर्म´ रुक भी जाता है। खून की कमी बच्चों में हो जाने से बच्चे शारीरिक रूप से कमजोर हो जाते हैं जिसके कारण बच्चों के शरीर का विकास नहीं हो पाता। बच्चों का दिमाम इतना कमजोर हो जाता है कि उसकी याददास्त कमजोर हो जाती है जिसके कारण बच्...

उपवास रखने के स्वास्थ्य लाभ

 *उपवास रखने के स्वास्थ्य लाभ*  1)  *मोटापे में कमी* – नियमित रूप (15 दिन में एक बार ) से उपवास करने पर हमारे शारीरिक वजन को कम होने में काफी मदद मिलती है। जब हम उपवास करते हैं तो हम कई घंटों तक कुछ नहीं खाते। उस समय हमारे शरीर में वसायुक्त कोशिकाएँ प्रभावशाली रूप से पिघलने लगती हैं तथा हमारा वजन नियंत्रण में रहता है। 2) *मन की प्रसन्नत और शांति*: मन की शांती ,प्रसन्नता तथा तेज दिमाग के लिए उपवास करना लाभदायक होता है। उपवास करने से आदमी अपने आप को हल्का महसूस करने लगता है। शरीर से टॉक्सिक केमिकल्स का निकास होता है। 3) *पाचन क्रिया दुरुष्त होती है* – उपवास रखने से हमारी पाचनक्रिया को कुछ घंटों तक अथवा कुछ समय तक विश्राम मिलता है। इसकी वजह से आपकी चयपचय की क्रिया अधिक कुशलता से कार्य करती है। यदि आपकी पाचनशक्ति कमजोर है तो आपके शरीर में वसायुक्त पदार्थों को नष्ट करने की क्षमता कम हो जाती है। व्रत रखने से आपके पाचनशक्ति की क्रिया का सही रूप से संचालन होता है तथा आपके शारीरिक चयपचय क्रिया का विकास होता है। 4) *शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल घटता है*–  जब हम अत्यधिक मात...

कितना अद्भुभुत है मानव का शरीर

 *( कितना अद्भुभुत है मानव का शरीर )* *जबरदस्त फेफड़े* हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं। हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती। फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे। *ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं* हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है। साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं। एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं। *लाखों किलोमीटर की यात्रा* इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है। हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है। *धड़कन, धड़कन* एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है। साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है। *सारे कैमरे और दूरबीनें फेल* इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती है। फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका ...

गौमाता सदैव पूजनीय : जानिये गौमाता से जुड़े तथ्य

 ☘️ *_गौमाता सदैव पूजनीय : जानिये गौमाता से जुड़े तथ्य_* जय भारत जय गौमाता स्वस्थ भारत की ओर बढ़ाए कदम  *गौमाता के बारे क्या कहता है विज्ञान:-* • 1._जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत कैंसर बढने की संभावना हैं- *नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ अमेरिका* 2._गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पाॅवर ग्रहण करती हैं- *रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक* 3._गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा हैं- *डाॅ. विजयलक्ष्मी सेन्टर फाॅर इण्डियन नोलिज सिस्टम* 4._गौमूत्र के उपयोग से हदय रोग दूर होता है तथा पेशाब खुलकर होता है कुछ दिन तक गौमूत्र सेवन से धमनियों में रक्त का दबाव स्वाभाविक होने लगता हैं, गौमूत्र सेवन से भूख बढती है, यह पुराने चर्म रोग की उत्तम औषधि है- *डाॅ. काफोड हैमिल्टन, ब्रिटेन* 5._गौमूत्र रक्त में बहने वाले दूषित कीटाणुओं का नाश करता है- *डाॅ.सिमर्स, ब्रिटेन* 6.विश्व में केवल गौमाता ही ऐसा दिव्य प्राणी है जो अपनी निश्वास में आॅक्सीजन छोडती हैं- *कृषि वैज्ञानिक डाॅ. जूलिशस एवं डाॅ. बुक जर्मन* 7._शहरों से निकलने वाले...

माँ के दूध को बढ़ाते हैं घरेलु उपाय

  https://youtu.be/TMvcFxRWVoM *माँ के दूध को बढ़ाते हैं घरेलु उपाय* *माँ का अपने बच्चे को दूध पिलाना ममता से भरा और प्रकृति का नियम हैं। माँ का दूध बच्चे के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता हैं। माँ का पहला पीला दूध बच्चे को जानलेवा बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता हैं। और तो और स्तनपान करवाने से माँ और बच्चे में एक भवनात्मक रिश्ता भी बनता हैं। लेकिन कई बार माँ के स्तनों में दूध की कमी हो जाती हैं जिस कारण यह बहुत ही गंभीर स्तिथि बन जाती हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए आज हम आपको ऐसे नेचुरल तरीके बताने जा रहे हैं, जो माँ का दूध बढ़ाने में आपकी मदद करेंगे।* *कारण : प्रसूता स्त्रियों में देखा गया है कि कुछ कमजोर कारणों से पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं उतरता है जिसके कारण शरीर का कमजोर होना, दु:ख और चिंता का सताना तथा कलह का वातावरण होना स्त्रियों के छाती में दूध के कम होने के कारण होते हैं* *उपाय : पहला प्रयोगः खजूर, खोपरा, दूध, मक्खन, घी, शतावरी, अमृता आदि खाने से अथवा मक्खन मिश्री के साथ चने खाने से अथवा गाय के दूध में चावल पकाकर खाने से अथवा रोज 1-1 तोला सौंफ दो बार खाने से द...

स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण प्रयास में

 *स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण प्रयास में* *इस लेख को पूरा पढ़े या न पढ़ें परन्तु इस भाई की एक विनती जरूर माने मासिकधर्म के दिनों में गर्म पानी मे घी मिलाकर जरूर पियें व अपने अनुभवों को अपने जानकारों व स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण प्रयास कर्णधारों तक जरूर शेयर करें* *मासिक धर्म (पीरियड्स) के समय क्या करें क्या न करें –*  *मासिक धर्म (पीरियड्स) क्या है ? :* सामान्य भाषा में इसे पीरियड (डेट) के नाम से जाना जाता है। इसे रजोदर्शऩ भी कहते हैं। इस अवस्था में गर्भाशय से योनिमार्ग द्वारा हर महीने लाल रंग का रक्त का स्राव होता है। यह शुरू होना ही लड़की की युवावस्था का चिन्ह होता है। इसके आने से इस बात का भी पता लग जाता है कि लड़की में डिम्ब का पकना तथा डिम्ब का निष्कासन होना शुरू हो गया है। अब यदि ऐसी लड़की से कोई पुरुष मैथुन क्रिया करता है तो वह गर्भवती हो सकती है। लेकिन हम आपको यह बता देना चाहते हैं कि जब तक पुरुष का शुक्राणु स्त्री के डिम्ब से मिला नहीं होता है तब तक स्त्री में हर महीने पकने वाला डिम्ब अपने आप ही नष्ट हो जाता है तथा योनि द्वारा रक्त व थक्कों के रूप में शरीर से बाहर निकल ज...

जॉन्सन बेबी आयल का सच

 *🔥जॉन्सन बेबी आयल का सच* *अब क्या कहें, खुद ही पढ़ लीजिये...🔥* हमारे देश में बहुत सी माताएं बहनें अपने नवजात शिशुओ छोटे बच्चों की मालिश जॉन्सन बेबी तेल से करती है। सुदूर गाँव में रहने वाली बहनें एवं शहरी पढ़ी लिखी माताएं भी  इस तेल के जाल में भ्रमित हैं। टी.वी. पर प्रचार की वजह से  ये तेल लोगो के दिमाग में छा गया है। *अधिकांश पढ़े लिखे लोग भी ये विश्वास नहीं करेंगे कि इस जॉन्सन बेबी तेल में सिर्फ मिट्टी का तेल है।* जी हाँ "केरोसिन"- "घासलेट" यकीन नहीं होता तो बोतल पर कम्पोजीशन पढ़िए अभी। पढ़िए क्या लिखा है...?? Mineral oil, Vitamin E बस और कुछ नहीं। दाम देखिये दो सौ रुपये में दो सौ मिली लीटर। यानि हजार रुपये लीटर। माँ बहने इस तेल से मालिश करने में गर्व महसूस करती है  क्योंकि प्रचार के बल पर ब्रेन वाश कर दिया है विदेशी कम्पनी ने। इसके प्रचार में टीवी पर  गोरे मोटे बच्चे जो दिखाता है। *आँखे खोलो हिंदुस्तानियो...* पोषण वनस्पति तेल की मालिश से मिलता है। मिनरल आयल खनिज तेल जमीन के नीचे से निकले तेल से नहीं। खनिज तेल (Mineral oil) का मतलब होता है पेट्रोल, डीजल, मिट्टी क...

महत्वपूर्ण समाचार

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हार्ट अटैक

 ‼️ *हार्ट अटैक*‼️ *हमारे  देश  भारत  में  3000 साल  पहले  एक  बहुत  बड़े ऋषि  हुये  थे.* *उनका  नाम  था* *महाऋषि वागवट  जी !!* *उन्होंने   एक   पुस्तक   लिखी थी* *जिसका  नाम  है* *अष्टांग* *हृदयम!!* *(Astang   hrudayam)* *और  इस  पुस्तक  में  उन्होंने* *बीमारियों  को  ठीक  करने  के* *लिए* *7000* *सूत्र  लिखें   थे !* *यह  उनमें  से  ही  एक  सूत्र है !!* *वागवट  जी  लिखते  हैं  कि कभी  भी  हृदय  को  घात  हो रहा  है !* *मतलब  दिल  की  नलियों  मे blockage  होना  शुरू  हो  रहा   है !* *तो  इसका  मतलब  है  कि रक्त  (blood)  में , acidity (अम्लता )  बढ़ी  हुई  है !* *अम्लता  आप  समझते  हैं !* *जिसको  अँग्रेजी  में  कहते...

शहद

 #शहद  #Honey  #Madhu  #Shehadkegun #Shehadkiprakriti #Shehadkaparichye #Shehadkimatra #Sharirkoshaktisalibanana *(भाई राजीव दीक्षित जी के व्यख्यानों से ज्ञानित व प्रेरित प्रोत्साहित हो अपने व औरो के स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण के जीवंत अथक प्रयास की राह पर चलते हुए आयुर्वेद शास्त्र व परम्परा के ज्ञानानुसार ब्रह्मांड की वह अद्भुत औषधि जो एक पल के जन्म लिए नवजात को माँ के दूध के अलावा निःसन्देह निसंकोच कोई अन्य जो सेवन कराई जाती रही है वह है शहद व साथ ही आयुर्वेद की अत्यधिक औषधियों चाहे वो जड़ी बूटी से बनी हो या रस रसायन से जिस अनुपान का अत्यधिक उपयोग किया जाता है वो है शहद जब इस पूरे लेख को पढ़ेंगे तो आप समझ जाएंगे कि शहद खुद में ही एक अमृततुल्य औषधि है न कि खाद्य पदार्थ)* *(आयुर्वेद में गले से ऊपर की ज्ञानन्द्रियों को रोग मुक्त रखने हेतु आयुर्वेदिक औषधि सप्तामृत लौह का सेवन कराया जाता है जब भी आप उसके घटक को देंखेंगे तो पाएंगे कि उसमें 5 घटक ही तो सप्तामृत क्यों कैसे तो सरल भाषा मे बता दूँ जब आयुर्वेदिक औषधियों को जिसके साथ सेवन किया जाता है वो भी उसी औषधि का घटक है और...