पिताशय पथरी

 *स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण का प्रयास :- प्रेरणास्रोत भाई राजीव दीक्षित जी सहयोग आशीर्वाद आपसबका*


*आरोग्य दीर्घायु जीवन का मूल आधार :- हो शुद्ध सात्विक जैविक परम्परागत आहार*


*पिताशय पथरी*


*हर रोग में सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि रोगग्रस्त मनुष्य का भोजन ऐसा हो जो कब्ज गैस न उतप्पन करें अर्थात उसका पाचन सरलता से हो जाये*


*पित्ताशय की पथरी सूजन व अन्य तकलीफ की उत्तम होमेओपेथी की दवाएं इनके सेवन के साथ साथ अन्य घरेलु उपचार परहेज का पालन जरूर करें*


*बेरवेरिस भलगेरिस Q*

*chelidonium majus Q*

*Carduus Mar Q*

*chionanthus virginica Q-*


*ऊपर की दवा की 5 5  बूंद आधे कप पानी मे मिलाकर   इस तरह दिन में 4 बार पिये*



*lycopodium 30 की 2 बूंद सुबह शाम*


*calceriya carb 30 की 2 बूंद सुबह शाम*




*Cholesterinum 3x*

*Fel Tauri  3x  की 4 4 गोली दिन में 4 बार*


*60 दिन की मेहनत के बाद एक बार रिपोर्ट जरूर कराये*


*साथ ही चाय को बिल्कुल त्याग कर 15  20 तुलसी के पत्ते व आधा चम्मच अजवायन व एक छोटी इलायची के पेस्ट बनाकर या बिना पेस्ट बनाएं दो गिलास पानी मे चौथाई रहने तक उबाले इसमे कालानमक या गुड़ मिलाकर पीलाये जब जब उनकी दिनचार्य में चाय थी अगर चाय नहीं थी तो सुबह खाली पेट व रात को सोने से पहले*


*परहेज*


*जंक फूड, माँसाहार , बजारू डेयरी उत्पाद के साथ साथ,हींग,उड़द,मसालेदार, दूध,केला,घी, आलू , चीनी , मैदा,रिफाइंड, तैलीय व नशीले पदार्थ*


*जरूर सेवन करें यथासम्भव:-खट्टे रसदार फल,हरी सब्ज़ी, मूली,गाजर,प्याज,शलजम कुल्थी की दाल*


*घरेलू व आसानी से उपलब्ध आयुर्वेदिक पेड़ पौधे जड़ी बूटी औषधि के उपयोग*


*प्याज का रस मिश्री के संग मिलाकर पीना चाहिए*


*निम्बू का रस एक चम्मच  या केले के तने का रस उपलब्ध हो तो जरूर एक चम्मच , कलमी शोरा एक चुटकी आधा चम्मच तिल जो उपलब्ध हो काला या सफेद पीसकर या चबाकर  केले के तने के रस का सेवन कर रहें हो तो कलमी शोरा,मिश्री व दूध मिलाये तो अतिउत्तम व सामान्य जल से दिन में दो बार 45 दिन*


*यथासंभव व मौसम के अनुसार मिलने पर गाजर,मूली व मूली के पत्तो का,शलजम,टिंडे,अंगूर,पालक का रस , सीताफल का रस इन सभी मेसे किसी भी रस का सेवन करें तो रस में एक एक चुटकी काला या सेंधा नमक व कालीमिर्च जरूर मिला कर सेवन करें इच्छानुसार ध्यान रहे उल्टी न हो इतनी ही मात्रा में सेवन करना चाहिए*


*जैतून का तेल एक से दो चम्मच तक पीने के तुरंत बाद 5  6 बून्द निम्बू का रस पीना चाहिए जिससे उल्टी न हो*



*हर भोजन के बाद दो दो चुटकी सौठ अजवायन कालानमक मिलाकर सेवन करना ही चाहिए*



*पथरचट्टा का रस या क्वाथ यथासम्भव ज्यादा से ज्यादा मात्रा (10 से 20ml) व ज्यादा से ज्यादा बार सेवन करना चाहिए*


*बड़ी इलायची के बीज एक चुटकी मिल जाये तो खरबूजे के बीज के साथ सेवन करें सुबह शाम*


*अपामार्ग की जड़ दो इंच व 3  4 कालीमिर्च को पीसकर एक गिलास पानी मे आठवाँ हिस्सा रहने तक उबालकर क्वाथ बनाकर छानकर सेवन करें सुबह व शाम*


*कुल्थी की दाल एक चम्मच सुबह व रात को एक गिलास पानी मे भिगोकर सुबह वाला शाम को व रात वाला सुबह उबालकर पानी पिये व दाल को चबाकर खाएं*



*चूर्ण बनाने के लिए धनिया सौफ जीरा अजवायन  लौंग बराबर लें हल्का सेक कर जी की आधी मात्रा में सौठ बड़ी इलायची कालानमक व जीरे के चौथाई मात्रा में भुनी हींग मिलाकर बारीक पाउडर कर मिक्स कर रख लें*


*गैस कब्ज अपच अजीर्ण डकार व पाचनतंत्र की कोई समस्या उतपन्न न हो इसके लिए इस चूर्ण को बनाकर घर मे जरूर रखें व भोजन के बाद एक चम्मच जरूर सेवन करें गुनगुने पानी से व सेवन कर टहले 100 से 500 कदम*


*उपलब्धता के अनुसार कोई भी 2  3 घरेलू उपचार को अपने आहार दिनचर्या में 30 से 90 दिन उपयोग करें परहेज के साथ*


*विनती है इस रोग के साथ अन्य समस्या हो तो व्यक्तिगत सम्पर्क करें व किसी भी प्रकार की उपरोक्त उपचार को करने में समस्या उतपन्न हो रही हो या शंका सन्देह हो जरूर सम्पर्क करें*



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