जाग्रति यात्रा
भारत में एक ऐसी अनोखी ट्रेन है जो साल में केवल एक बार 15 दिनों के लिए चलती है, लेकिन जब यह चलती है, तो सैकड़ों युवाओं के जीवन की दिशा बदल देती है और भारत के भविष्य को आकार देती है। यह है ‘जाग्रति यात्रा’, जिसे मुंबई स्थित जाग्रति सेवा संस्थान नामक एनजीओ 2008 से हर साल संचालित कर रहा है। अब तक इस ट्रेन यात्रा में 23 देशों के 75,000 से अधिक युवा भाग ले चुके हैं। इस ट्रेन में हर साल करीब 500 युवा उद्यमी और सामाजिक परिवर्तन लाने के इच्छुक प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं। यात्रा का मुख्य उद्देश्य है – युवाओं को एक-दूसरे से जोड़ना, उन्हें भारत की जमीनी सच्चाइयों से परिचित कराना, और उन्हें नेतृत्व व उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करना। 2025 में यह यात्रा 7 नवंबर से शुरू होकर 22 नवंबर को समाप्त होगी। मुंबई से शुरू होने वाली यह ट्रेन हुबली, बेंगलुरु, मदुरै, श्री सिटी, विशाखापत्तनम, ब्रह्मपुर, नालंदा, देवरिया, दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद जैसे शहरों से गुजरती है। यात्रा के दौरान ट्रेन एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बन जाती है, जिसमें 100 से अधिक मार्गदर्शक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य...